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पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में गिरफ्तार मुश्ताक की पुलिस रिमांड तीन दिन बढ़ी

जयपुर। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार मुश्ताक को सोमवार को पांच दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अपर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रमांक-3 जयपुर महानगर-प्रथम की अदालत में पेश किया गया। जहां सुनवाई के दौरान सीआईडी इंटेलिजेंस ने उससे आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मांगी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया। अब उसे 25 जून को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा।

सीआईडी इंटेलिजेंस के विशेष लोक अभियोजक सुदेश सत्वान ने बताया कि जांच के दौरान आरोपित के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल की जानी है। पूछताछ में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने चिन्हित कर लिया है। हालांकि जांच के हित में उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार पांच दिन की रिमांड के दौरान आरोपित को उन स्थानों पर भी ले जाया गया, जहां से उसने कथित रूप से फोटो और वीडियो बनाए थे। इन स्थानों पर मौके का निरीक्षण कर यह जानने का प्रयास किया गया कि उसे स्थानीय स्तर पर किन लोगों का सहयोग प्राप्त था। सुरक्षा एजेंसियां उसके संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।

सीआईडी इंटेलिजेंस ने मुश्ताक को जैसलमेर से गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था। आरोप है कि हैंडलर्स के निर्देश पर उसने एक चाय की दुकान खोली थी और वहां लाइव फीड कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह सेना और बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रखता था। वह गूगल मैप और कैमरे की सहायता से संवेदनशील सैन्य स्थलों की सटीक लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजता था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से दो संदिग्ध नंबर भी मिले हैं, जो खालिद और नजीर अहमद के नाम से सेव थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये दोनों पाकिस्तान में रहकर एजेंटों को प्रशिक्षण देने का कार्य करते हैं।

सुरक्षा एजेंसियां आरोपित के नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच में जुटी हैं। साथ ही इस पूरे मामले में अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आगे की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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