रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में हुए घटनाक्रम ने स्वास्थ्य महकमे में हलचल मचा दी है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उस समय आया है जब एक दिन पहले CID ने रिम्स परिसर में छापेमारी कर कथित एमबीबीएस नामांकन और टेंडर आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच के तहत कई दस्तावेज जब्त किए थे। सूत्रों के अनुसार, CID की कार्रवाई वर्ष 2025 के एमबीबीएस प्रवेश और टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की शिकायतों के आधार पर की गई। जांच एजेंसी ने संबंधित दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। निदेशक डॉ. राजकुमार के इस्तीफे के बाद रिम्स के एकेडमिक डीन डॉ. डी.के. सिन्हा को प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने कहा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रिम्स राज्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था होने के कारण हजारों मरीजों और मेडिकल शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। CID की जांच और निदेशक के इस्तीफे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
