अभिभावक अपने बच्चों पर नहीं देते ध्यान- रांची पुलिस
Ranchi : राजधानी में लापता बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. जिसका असर रांची पुलिस के कामकाज पर दिखने लगा है. रांची पुलिस इन दिनों गंभीर अपराधों के मामलों को सुलझाने से ज्यादा लापता बच्चों की तलाश करने में अपना समय खपा रही है. पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढे गए बच्चे से पूछने पर अभिभावक की लापरवाही सामने आई. हालिया दिनों में जो बच्चे लापता हो रहे हैं, उनमें अभिभावकों की घोर लापरवाही है, जो अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
रांची में हर महीने कुछ बच्चों के लापता होने की शिकायतें विभिन्न थानों में दर्ज कराई जा रही हैं. जांच में यह बात सामने आई है कि कई मामलें में माता-पिता को यह तक मालूम नहीं होता कि उनका बच्चा दिनभर किसके साथ रहता है या सोशल मीडिया पर क्या कर रहा है. मोबाइल फोन और इंटरनेट के अनियंत्रित इस्तेमाल के कारण किशोर उम्र के बच्चे बिना सोचे-समझे घर छोड़ रहे हैं. पुलिस का कहना है कि अगर अभिभावक थोड़े सजग रहें, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.
लापता बच्चों की बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. नाबालिगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस को कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू करनी पड़ती है. इस वजह से थानों की एक बड़ी टीम के साथ साथ एसआईटी काम करती है. पुलिस केस अनुसंधान करने की बजाय लापता बच्चों को ट्रैक करने और दूसरे राज्यों में छापेमारी करने में व्यस्त हो जाती है. नतीजा यह हो रहा है कि हत्या, डकैती और चोरी जैसे गंभीर आपराधिक मुकदमों के अनुसंधान पर इसका सीधा असर पड़ रहा है. रांची पुलिस का कहना है कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि परिवार की भी जिम्मेदारी है.
रांची पुलिस ने अभिभावकों से की भावुक अपील

बच्चे के व्यवहार में आ रहे बदलावों पर नजर रखें और उनसे रोजाना बात करें. बच्चे मोबाइल पर क्या देख रहे हैं और किससे बात कर रहे हैं, इसकी जानकारी रखें. बच्चों के दोस्तों और उनके माता-पिता के संपर्क नंबर हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें. रांची पुलिस का साफ कहना है कि जब तक पारिवारिक स्तर पर सतर्कता नहीं बरती जाएगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह काबू पाना मुमकिन नहीं है.