⚠️ यह साइट निर्माणाधीन है — बीटा संस्करण
अनुसरण करना

सबसे महत्वपूर्ण खबरों से अपडेट रहें

सब्सक्राइब बटन दबाकर, आप पुष्टि करते हैं कि आपने हमारी गोपनीयता नीति और उपयोग की शर्तें पढ़ी हैं और सहमत हैं गोपनीयता नीति and उपयोग की शर्तें

जबलपुरः फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों की आड़ में शासन को 55 लाख की हानि पहुंचाने वाले 17 आरोपियों पर एफआईआर

7 व्यक्तियों के विरुद्ध पाटन और विजय नगर थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों की आड़ में वर्ष 2023-24 में उपार्जन कार्य के दौरान शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने के दो अलग-अलग मामलों में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के आदेश पर कृषि विभाग द्वारा 17 व्यक्तियों के विरुद्ध पाटन और विजय नगर थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

कृषि उप संचालक उमेश कुमार कटहरे ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इन कंपनियों के संचालकों ने उपार्जन कार्य में प्रासंगिक व्यय और कमीशन के नाम पर शासन को 55 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक हानि पहुंचाई है।

उन्होंने बताया कि पहले प्रकरण में विजय नगर थाने में बिल्किसगंज फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के 6 डायरेक्टर्स और 3 कर्मचारियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराई गई है। इस कंपनी के डायरेक्टर और कर्मचारियों ने अवैध रूप से 15 लाख 72 हजार 802 रुपये की राशि अर्जित कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। इस मामले में पुलिस ने विजय नगर निवासी बनप सिंह वर्मा, संदीप दुबे, सचिन दुबे, अंशुल बर्मन, सुधीर दुबे, विनोद पटेल, संजय हल्दकार और साहिल पटेल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338 एवं 3(5) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

कृषि उप संचालक कटहरे ने बताया कि दूसरे प्रकरण में पाटन थाने में बेगमगंज सीड प्रोड्यूसर लिमिटेड के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ है, जहाँ कंपनी के डायरेक्टरों ने कूटरचित दस्तावेजों, और फर्जी नियुक्तियों के जरिए शासन को 39 लाख 67 हजार 781 रुपये की क्षति पहुँचाई है। इस प्रकरण में कंपनी के 6 डायरेक्टर सचिन दुबे, रंजना पांडे, संदीप दुबे, अंशुल वर्मन, नेहा पांडे, उमा सिंह तथा 3 कर्मचारी मनीष चौरसिया, कमलेश साहू और नीलेश विश्वकर्मा को नामजद किया गया है, जिन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338 एवं 3(5) के तहत कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने बताया कि दोनों फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के डायरेक्टरों ने कर्मचारियों के साथ मिलकर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से कंपनी को प्रासंगिक व्यय, हैंडलिंग और कमीशन की भुगतान की गई राशि अपने खाते में जमा करा ली थी।

उन्होंने बताया कि दोनों फ़ार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के डायरेक्टरों द्वारा की गई इस फर्जीवाडे की शिकायत किसान मजदूर महासंघ जबलपुर के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह द्वारा कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को की गई थी। कलेक्टर सिंह ने जांच दल गठित कर इन शिकायतों की जांच करने के आदेश दिये थे। जांच में कंपनियों द्वारा प्रस्तुत बैंक खातों और किसानों की सूचियों को पूरी तरह फर्जी पाया गया था। दोनों फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के संचालकों और कर्मचारियों के विरुद्ध कृषि विभाग की ओर से एफ आई आर सहायक संचालक कृषि रवि आम्रवंशी द्वारा दर्ज कराई गई है।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे महत्वपूर्ण खबरों से अपडेट रहें

सब्सक्राइब बटन दबाकर, आप पुष्टि करते हैं कि आपने हमारी गोपनीयता नीति और उपयोग की शर्तें पढ़ी हैं और सहमत हैं गोपनीयता नीति and उपयोग की शर्तें