लोग जान बचाने के लिए कब्रिस्तान से भाग खड़े हुए और मृतक का शव कब्र में ही छूट गया
खूंटी। मुरहू प्रखंड के एक कब्रिस्तान में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के बीच अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। देखते ही देखते शोकसभा का माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया। हालात ऐसे बने कि लोग जान बचाने के लिए कब्रिस्तान से भाग खड़े हुए और मृतक का शव कब्र में ही छूट गया।
जानकारी के अनुसार, ग्रामसभा सचिव राफेल होरो के 90 वर्षीय पिता नोएल होरो का सोमवार को निधन हो गया था। मंगलवार शाम उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। शव को कब्र में उतार दिया गया था और मिट्टी देने से पहले पादरी अंतिम प्रार्थना कर रहे थे। तभी अचानक मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड वहां पहुंचा और लोगों पर हमला बोल दिया।
मधुमक्खियों के हमले से कुछ ही क्षणों में कब्रिस्तान में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे। स्थिति इतनी भयावह थी कि कब्रिस्तान में एक भी व्यक्ति नहीं रुका और शव कब्र में ही पड़ा रह गया।
घटना में मुखिया ज्योति ढोडराय, ग्रामप्रधान दिलीप मालवा, पावल होरो और अनिल मुंडू समेत करीब 25 से 30 लोग मधुमक्खियों के डंक से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए मुरहू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जबकि कुछ लोगों ने घर पर ही पारंपरिक तरीके से डंक निकालकर हल्दी-चूना लगाकर उपचार किया।
करीब एक घंटे तक कब्रिस्तान में सन्नाटा पसरा रहा। मधुमक्खियों के डर से कोई भी व्यक्ति वापस जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। आखिरकार तीन साहसी लोग कम्बल ओढ़कर और पूरे शरीर को मोटे कपड़ों से ढंककर कब्रिस्तान पहुंचे। उन्होंने जोखिम उठाते हुए कब्र में पड़े शव को मिट्टी देकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इस अनोखी घटना की चर्चा देर शाम तक पूरे क्षेत्र में होती रही। लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार किसी अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी अप्रत्याशित और हैरान कर देनेवाला दृश्य देखा।
