जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डबल डॉन (DD) बार के बाहर 27 जून की रात हुई खूनी चाकूबाजी की घटना के बाद अब मामला केवल अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बार के संचालन और उसके प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सोमवार को करणी सेना ने बिष्टुपुर थाना पहुंचकर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। संगठन ने पुलिस प्रशासन से यह भी पूछा कि जब इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग और टाइगर मोबाइल की तैनाती थी, तब हथियारबंद हमलावर इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम देने में सफल हुए।
इधर, स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि अब जांच की दिशा केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि DD बार के संचालन और बार मालिक नीरज सिंह की जिम्मेदारी की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्रोतों के हवाले से यह भी चर्चा है कि बार का संचालन निर्धारित समय सीमा से अधिक, यहां तक कि 24 घंटे तक किए जाने के आरोप लगते रहे हैं। वहीं यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि बार में युवतियों द्वारा डांस और सर्विंग कराई जाती थी, जिससे देर रात तक बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सत्यता की जांच प्रशासन द्वारा किया जाना आवश्यक है।
गंभीर रूप से घायल करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु कुमार सिंह और प्रत्युष आनंद अब भी अस्पताल में भर्ती हैं तथा उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बार संचालन में किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।
अब लोगों की मांग है कि प्रशासन DD बार के लाइसेंस, संचालन समय, सुरक्षा व्यवस्था, CCTV रिकॉर्ड, सुरक्षा गार्डों की तैनाती और आबकारी विभाग के नियमों के पालन की व्यापक जांच कराए। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो बार संचालक सहित संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं शहरवासियों की नजर अब इस बात पर है कि क्या जांच केवल हमलावरों तक सीमित रहेगी या घटना के पीछे की संभावित लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की भी निष्पक्ष जांच होगी।
