⚠️ यह साइट निर्माणाधीन है — बीटा संस्करण

जेपीएससी-जेएसएससी मामले में आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच पहली वार्ता सकारात्मक

रांची। रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट हाउस में आंदोलनरत छात्रों और झारखंड सरकार के मंत्रियों की कमेटी के बीच शुक्रवार शाम वार्ता हुई। सरकार के मंत्रियों में सुदिव्य कुमार, दीपिका सिंह, चमरा लिंडा ने छात्रों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। इसके बाद सुदिव्य कुमार ने कहा कि छात्रों की सभी मांगें सुनी गई हैं, इसपर कमिटी सोच विचार करेगी। छात्रों ने भी कहा कि मंत्रियों ने उनकी बातें सुनीं हैं।

बैठक के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के मंत्रियों के साथ हुई वार्ता के बाद अपना बयान जारी किया।छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बैठक के दौरान जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े सभी मुद्दों और मांगों का विस्तृत आधार मंत्रियों के समक्ष रखा गया। छात्रों ने विस्तार से बताया कि उनकी मांगें किन तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित हैं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मंत्रियों ने छात्रों की सभी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि उनके तर्क उचित हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों की सभी मांगों और प्रस्तुत तथ्यों को मुख्यमंत्री तक पूरी संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाएगा।

छात्र प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सरकार ने भी माना कि यह मामला केवल वर्तमान अभ्यर्थियों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त तक जेपीएससी और जेएसएससी

से संबंधित सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो पहले से घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह घेराव पूरी ताकत, एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

छात्रों ने दोहराया कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र प्रतिनिधियों में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे महत्वपूर्ण खबरों से अपडेट रहें

सब्सक्राइब बटन दबाकर, आप पुष्टि करते हैं कि आपने हमारी गोपनीयता नीति और उपयोग की शर्तें पढ़ी हैं और सहमत हैं गोपनीयता नीति and उपयोग की शर्तें