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उपराष्ट्रपति ने नॉर्वे शतरंज का खिताब जीतने पर प्रज्ञाननंद को दी बधाई

अटूट समर्पण और वर्षों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञाननंद को नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतने पर बधाई दी।

उपराष्ट्रपति ने शनिवार को अपने संदेश में कहा कि प्रज्ञाननंद की यह उल्लेखनीय उपलब्धि उनकी असाधारण प्रतिभा, अटूट समर्पण और वर्षों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर उनका लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है और वह पूरे भारत में अनगिनत युवा शतरंज खिलाड़ियों को प्रेरित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रज्ञाननंद ने न केवल भारतीय शतरंज को नई पहचान दिलाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान भी बढ़ाया है। उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि युवा ग्रैंडमास्टर भविष्य में भी नई ऊंचाइयों को छूते हुए देश का नाम रोशन करते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने प्रज्ञाननंद के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करते हुए उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि आर. प्रज्ञाननंद का पूरा नाम रमेशबाबू प्रगनानंद है। उनका जन्म 10 अगस्त 2005 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने 2018 में मात्र 12 वर्ष की आयु में ग्रैंडमास्टर बनकर दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर्स में स्थान बनाया। वर्ष 2022 में उन्होंने ऑनलाइन रैपिड टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को पराजित कर वैश्विक सुर्खियां बटोरी थीं। नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतकर उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है तथा इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं।

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