रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित धांधली को लेकर आंदोलनरत छात्रों के साथ प्रस्तावित वार्ता से पहले राज्य सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ बातचीत को तैयार है, लेकिन वार्ता केवल छात्रों के प्रतिनिधियों से ही होगी, किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं।
मंत्री ने छात्रों की ओर से सौंपी गई 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार का नाम शामिल किया गया है, जो कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब यह छात्रों का आंदोलन है तो प्रतिनिधिमंडल में बाहरी व्यक्ति को शामिल करने का औचित्य क्या है।
सुदिव्य सोनू ने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और कथित कोचिंग माफिया पर्दे के पीछे रहकर इस आंदोलन के जरिए राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं बनेगी और छात्रों के वास्तविक मुद्दों पर ही चर्चा करेगी।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार संवाद के माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है और छात्र हित सर्वोपरि है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से अपील की कि वे बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के सरकार के साथ वार्ता करें, ताकि सकारात्मक और सार्थक समाधान निकल सके।
