निर्दलीय विधायक से मुख्यमंत्री और फिर निर्दलीय सांसद बनने का बनाया रिकॉर्ड
रांची। झारखंड की राजनीति में 20 साल पहले आज ही का दिन एक ऐतिहासिक घटना का गवाह बना था। पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक चुने गए मधु कोड़ा ने निर्दलीय मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर देश की राजनीति में एक नया इतिहास रचा था। वह देश के पहले निर्दलीय मुख्यमंत्री बने थे।
मधु कोड़ा के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही झारखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था। एक निर्दलीय विधायक का मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना उस समय देश की राजनीति में असाधारण घटना मानी गई। उनका यह कार्यकाल लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ, जो पश्चिमी सिंहभूम जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड के लिए गौरव की बात रही।
मधु कोड़ा ने निर्दलीय विधायक से मुख्यमंत्री तक का सफर तय कर राज्य और देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर एक और राजनीतिक रिकॉर्ड बनाया। इस तरह निर्दलीय विधायक, मुख्यमंत्री और फिर निर्दलीय सांसद बनने का उनका राजनीतिक सफर झारखंड के इतिहास में दर्ज हो गया।
20 वर्ष बाद भी मधु कोड़ा का यह राजनीतिक सफर झारखंड की राजनीति की उन घटनाओं में शामिल है, जिसने राज्य को देशभर में चर्चा के केंद्र में ला दिया था।
