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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-नागरिक एकजुटता से ही देश उन्नति की नई ऊंचाई पर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा, ” जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज एक्स हैंडल पर सुबह नागरिक एकजुटता की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने साझा किए गए सुभाषितम् में कहा कि इससे देश की शक्ति बढ़ जाती है। राष्ट्र उन्नति के शिखर पर पहुंच जाता है। उन्होंने ”धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च। धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥” का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा, ” जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।” प्रधानमंत्री ने ”धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च। धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥” श्लोक का उल्लेख महाभारत के उद्योग पर्व (प्रजागर पर्व) से किया है।

यह प्रसिद्ध श्लोक है। यह एकता (संगठन) के महत्व को बताता है। यह श्लोक संगठन की शक्ति को रेखांकित करता है। यह हमें यह सिखाता है कि जिस प्रकार एक साथ रहने वाली लकड़ियों की आग अंधेरे को चीर देती है और भीषण गर्मी पैदा करती है, उसी प्रकार समाज और परिवार के लोग जब आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होते हैं, तो बड़ी से बड़ी विपत्ति का भी सामना आसानी से किया जा सकता है।

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